नज़रअंदाज़ न करें लाल आंखें - लक्षण एवं उपचार की संपूर्ण जानकारी।

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गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है आंखों का लालपन

Close up of a red eye of a woman

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आंखें लाल होना एक बहुत ही आम समस्या है, अधिकतर लोगों को जीवन में कभी न कभी इस समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके कईं कारण हैं, जो मामूली से लेकर गंभीर हो सकते हैं।

अधिकतर मामलों में साफ-सफाई और स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।

लेकिन अगर यह समस्या कईं दिनों तक बनी रहे तो उपचार कराना जरूरी हो जाता है, नहीं तो आंखों को स्थायी रूप से नुकसान पहुंच सकता है।

आंखों का लाल होना

आंखों के लाल होने की समस्या को रेड आई या ब्लड शॉट्स आईस भी कहते हैं, इसमें आंख का सफेद भाग लाल हो जाता है। यह तब होता है जब आंख के सफेद भाग की महीन रक्त नलिकाएं फैल जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है।

आंखों में किसी बाहरी पदार्थ के चले जाने या कोई संक्रमण होने से आंखें लाल हो जाती हैं, यह समस्या एक या दोनों आंखों में हो सकती है। इसमें आंखें लाल होने के अलावा जलन, चुभन, खुजली चलना, ड्रायनेस, दर्द होना, आंखों से पानी आना, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता और नज़रे धुंधली होना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

कुछ मामलों में केवल आंखें लाल हो जाती हैं और कोई दूसरे लक्षण नहीं दिखाई देते हैं।

क्या हैं कारण?

यह आंखों के सफेद भाग की महीन रक्त वाहिकाओं के फैलने के कारण हो सकता है। ये महीन रक्त नलिकाएं, जिसमें से अधिकतर दिखाई नहीं देती हैं, सूज जाती हैं। इसके निम्न कारण हो सकते हैं;

  • एलर्जी।
  • आंखों की थकान।
  • वायु प्रदूषण।
  • धूल-मिट्टी।
  • रसायनों का अत्यधिक एक्सपोज़र।
  • सूरज के प्रकाश का अत्यधिक एक्सपोज़र
  • लंबे समय तक कांटेक्ट लेंस लगाए रखना।
  • आंखों का संक्रमण जैसे कंजक्टिवाइटिस।
  • आंखों की गंभीर समस्याएं जैसे ग्लुकोमा
  • आंखों में चोट लग जाना।
  • कार्नियल अल्सर।
  • हाल में हुई आंखों की सर्जरी जैसे लेसिक, कॉस्मेटिक सर्जरी आदि।

अस्वस्थ्य जीवनशैली के कारण भी यह समस्या हो सकती है जैसे अत्यधिक धुम्रपान या शराब का सेवन, गैजेट्स का अधिक इस्तेमाल और नींद की कमी।

तो डॉक्टर से संपर्क करें

अधिकतर मामलों में डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती है, लेकिन अगर निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें;

  • लालपन की समस्या एक सप्ताह से अधिक समय तक रहे।
  • प्रकाश के प्रति अति-संवेदनशीलता विकसित हो जाए।
  • एक या दोनों आंखों से डिस्चार्ज निकलने लगे।
  • धुंधला दिखाई दे।
  • आंखों में तेज दर्द होना।

उपचार

डायग्नोसिस के बाद ही पता चलेगा कि आंखों के लाल होने के कारण क्या है। इसके आधार पर ही उपचार के विकल्प चुनें जाते हैं। डॉक्टर के पास जाने से पहले आप कुछ घरेलु उपाय भी कर सकते हैं:

वार्म कम्प्रेस

एक टॉवेल को कुनकुने पानी में भिगोएं और उसे निचोड़ लें। आंखे काफी संवेदनशील होती हैं, इसलिए तापमान सामान्य रखें। 10-15 मिनिट के लिए टॉवेल को अपनी आंखों पर रखें। गर्मी से रक्त का संचार चालू हो जाएगा। इससे सूजन और खुजली से आपको आराम मिलेगा।

कूल कम्प्रेस

अगर वार्म कम्प्रेस से समस्या दूर नहीं हो रही तो आप कूल कम्प्रेस को आजमा सकते हैं। ठंडे पानी में टॉवेल को डुबोएं और निचोड़ लें। ध्यान रखें, पानी अधिक ठंडा न हो, नहीं तो समस्या कम होने की बजाय बढ़ जाएगी। इससे थोड़े समय के लिए लक्षणों में आराम मिल जाएगा।

आर्टिफिशियल टियर्स

ये आंखों को ल्युब्रिकेट करते हैं और इन्हें साफ रखने में सहायता करते हैं। लेकिन इनका इस्तेमाल डॉक्टर से पूछकर ही करें। अगर इसे ठंडे रूप में इस्तेमाल करने के लिए कहा जाए तो इसे फ्रिज में रखकर इस्तेमाल करें।

कांटेक्ट लेंसों के इस्तेमाल से बचें

अगर आप लंबे समय से आंखे लाल होने की समस्या से जूझ रहे हैं और कांटेक्ट लेंस लगाते हैं तो इनके इस्तेमाल करना बंद कर दें। किसी अच्छे नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाने के बाद ही इनका इस्तेमाल दोबारा शुरू करें।

दवाईयां

अगर एलर्जी के कारण यह समस्या हो रही है तो एंटीहिस्टामिन या कार्टिसोन आई ड्रॉप्स और आई जेल दिया जाएगा। बैक्टीरिया का संक्रमण (कंजक्टिवाइटिस) होने पर एंटीबायोटिक्स दिए जाएंगे। सूजन को कम करने के लिए डॉक्टर स्टेरॉइड प्रिस्कराइब कर सकता है।

अन्य उपचार

अगर ग्लुकोमा या ट्युमर विकसित होने के कारण यह समस्या हो रही है तो उसका उपचार किया जाएगा।

बचने के उपाय

  • अगर किसी को आंखों के लालपन की समस्या है तो उसके संपर्क में आने के बाद हाथों को धोएं।
  • अधिक देर तक कांटेक्ट लेंस न लगाए रखें।
  • नियमित रूप से अपने कांटेक्ट लेंसों को साफ करते रहें।
  • उन गतिविधियों से बचें, जिनसे आंखों में तनाव हो।
  • रसायनों और आंखों के लिए हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आने से बचें।
  • अगर आंखों में कोई हानिकारक चीज चली गई है तो उसे पानी या आईवॉश से धोकर निकाल दें।
  • आंखों में कोई भी ड्रॉप बिना डॉक्टर की सलाह के न डालें।
  • कांटेक्ट लैंस की बजाय चश्मा लगाना शुरू कर दें।
  • प्रदूषकों और सूरज की हानिकारक किरणों से बचने के लिए गॉगल्स का इस्तेमाल करें।

आंखों को स्वस्थ रखने के टिप्स

अपनी आंखों को स्वस्थ्य रखने और संक्रमण से बचाने के लिए निम्न उपाय करें;

  • संतुलित और पोषक भोजन का सेवन करें। अपने डाइट चार्ट में हरी सब्जियां और मौसमी फलों को जरूर शामिल करें।
  • प्रकृतिक रूप से आंखों को तरोताज़ा करने के लिए 6-8 घंटे की नींद लें।
  • आंखों में नमी बनाए रखने के लिए पानी और अन्य तरल पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करें।
  • जब भी स्वमिंग करने जाएं तो स्विमिंग गॉगल लगाकर जाएं, ताकि आप क्लोरीन एलर्जी और कंजक्टिवाइटिस से बच सकें।
  • एसी में अधिक देर न रहें, इससे आंखे ड्राय हो सकती हैं, और उनमें जलन हो सकती है।
  • आई हाइजीन के लिए अपनी आंखों को 2-3 बार ठंडे पानी से धोएं।
  • रात को आंखों का मेकअप निकालकर सोएं, इसमें जो रसायन होते हैं उनसे आंखों में लालपन की समस्या हो जाती है।
  • आंखों के संक्रमण से बचने के लिए अपने टॉवेल, रूमाल, तकिए या मेकअप के सामान किसी से साझा न करें।